समाचार info@jogindernagar.com पर भेजें
जोगिन्दर नगर तथा देवभूमि हिमाचल प्रदेश को समर्पित
 

 

मंडयाली

तू होर कोई सब्जी कानी बणाई लैंदी?

इक जनानी पुलिस ठाणे गयी। जनानी: मेरा घरवाला गोभिआ री सब्जी लैणा गयिरी था परसी। हाली तक नि आया. मेरी रपोट लिखी देया। (more…) पढें विस्तृत >>

  • himachali-girl
    पहाड़ी टब्बर कने समझदार नूंह

    इक्की पहाड़ीए अपनी मेहनता कने खूब धन-दौलत कमाई. सै इक दिन मरी गया. तिसरे तिन पुतर थे. सभी रे सब आलसी. कई साल होई गए पर तिन्हे कोई कम कार नी कित्ता. आपणे बापू री कमाइया पर ही जीणा थे लगिरे. (more…)

  • Black-Paited-Face-Lady
    चलाक लाड़ी कने स्याणा लाड़ा

    इक जनानी थी पर थी बड़ी झगडालू. सबनी कने लड़दी रैहंदी थी. अपणीयां सासु जो ता सिरे गे नि सखांदी थी. गल्ला-गल्ला मंझ तिसा जो नीचा दिखाने रा मौका तोपदी रैहंदी थी. लाड़ा बचारा घराटा रे पट्टा मंझ पिसणे सान्ही पिसदा था. लाड़ीया जो भतेरा समझांदा था पर तिस्सा जो कोई फर्क नी पौंदा था. (more…)

  • bam-shankar-bhole-nath-chilam-bhang
    हुण चढ़ी बाबे नू..

    4-5 भंगड़ दोस्त थे. से जाहली जे भंग पींदे ता बोलदे थे जै भोले नाथ. इक सूटा लगाणा कने बोलणा “जै भोले नाथ”. भगवान् भोले नाथ तिन्हा भंगड़ा गे प्रसन्न होई गै. भोले नाथे सोच्या क्युं ना इन्हा जो दरशन दित्या जाए. इक दिन भंगड़ जंगला मंझ भंग थे लगीरे पींदे ता भोले नाथ साधू रा भेस बणायी कने तिन्हा वाल पूजी गै. (more…)

धर्म-संस्कृति

तेईसवीं पीढ़ी क्या खायेगी

एक राजा ने अपने मंत्री से कहा कि पता करे कि अपने राजकोष में कितना धन है. मंत्री ने पता किया और राजा को बताया कि राजकोष में आने वाली बाईस पीढ़ियों के लिए प्रयाप्त धन है. राजा सोच में पड़ गया. सोचा कि तेईसवीं पीढ़ी क्या खायेगी। (more…) पढें विस्तृत >>

  • तेईसवीं पीढ़ी क्या खायेगी

    एक राजा ने अपने मंत्री से कहा कि पता करे कि अपने राजकोष में कितना धन है. मंत्री ने पता किया और राजा को बताया कि राजकोष में आने वाली बाईस पीढ़ियों के लिए प्रयाप्त धन है. राजा सोच में पड़ गया. सोचा कि तेईसवीं पीढ़ी क्या खायेगी। (more…)

  • विपदाओं से मुझे बचाओ, यह प्रार्थना मैं नहीं करता

    विपदाओं से मुझे बचाओ, यह प्रार्थना मैं नहीं करता,
    प्रार्थना है कि विपदाओं का भय न हो।
    दुख से पीड़ित हृदय को भले ही सांत्वना न दो,
    सामना उनका कर सकूं इतनी शक्ति अवश्य दो।
    भले ही जुटे न संबल,
    पर टूट न जाए अपना बल।
    क्षति जो हो घटित जगत् केवल देता तिरस्कार और उपहास,
    पर मैं अपने मन में मानूं न पराजय।
    संकट से मुझे उबारो यह प्रार्थना मैं नहीं करता,
    सामना उनका कर सकूं इतनी शक्ति अवश्य दो।
    मेरा भार घटा कर भले ही सांत्वना न दो,
    भार उतना ढो पाऊं इतना बल अवश्य दो।
    शीश झुकाए सब सुख आएं
    तो मैं उनमें तुम्हारा चेहरा पहचान लूं,
    सम्पूर्ण सृष्टि जिस दिन दुःख के अंधेरे में डूबी हो
    मैं तुम पर कोई संशय न करूं।
    यही है प्रार्थना।

    – गीतांजली, गुरूदेव रविंद्रनाथ ठाकुर

  • shivratri-dev-gods
    देवताओं की बनेगी डायरेक्टरी

    मंडी : अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के इतिहास में यह पहला अवसर होगा कि देव मिलन की परंपरा निभाने मंडी आने वाले जनपद के हर देवता का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। शिवरात्रि मेला आयोजन समिति ने ऐतिहासिक फैसला लिया है कि इस धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के दृष्टिगत मेले में आमंत्रित सभी देवताओं की डायरेक्टरी बनाई जाएगी। (more…)

विशेष लेख

female-leopard-shot-dead

क्या आप भी किसी ‘बहादुर’ शिकारी को जानते हैं??

किसी 'बहादुर' शिकारी का कारनामा (नीचे चित्र में) जो छुप कर वार करता है और जंगल की शान समझे जाने वाले चीते तेन्दुए जैसे शानदार जानवरों को पैसे के लालच या महज़ शौक के लिए विलुप्त करने पर तुला है. क्...

sparrow

अभी भी बचायी जा सकती है गौरैया

गौरैया एक बहुत प्यारी सी छोटी चिड़िया है. एक समय था जब यह हर घर के आँगन में चहकती देखी जा सकती थी. घर के बड़े-बुजुर्ग 'आओ-आओ' करके बुला कर अनाज आँगन में डालते थे और देखते ही देखते आँगन गौरैया से भर ज...

Comprehensive-photo-of-new-mandiar-of-dev-pashakot

नए मंदिर की प्रतिष्ठा कर विराजे देव पशाकोट

उपमंडल पद्धर की चौहारघाटी के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल देव पशाकोट के 600 वर्ष पुराने मंदिर के स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है. गत 15 अप्रैल को तीन सालों से पुरानी सराय में निवास कर रहे देव ...

Barot Jogindernagar

कर्नल बैटी का 100 वर्ष पहले का सपना होगा जल्द पूरा

जिस परियोजना को लगभग सौ साल पहले ब्रिटिश इंजिनीयर कर्नल बी सी बैटी ने शुरू किया था वो अब पूरी होने वाली है. बरोट से शुरू हो कर चुल्ला में अपने आखिरी चरण तक पहुँचने तक इस तीन चरणों की परियोजना को ...

Close
Please support JoginderNagar.com
By clicking any of these buttons you help our site to get better